हुआ जो तू दूर तो मैं कैसे रह पाऊँगा?
ये ज़िंदगी तेरे लिए, तू कहे तो मर जाऊँगा
मुझे जीना नहीं तेरे बग़ैर
मैं तनहा ना जी पाऊँगा
मैं जीते-जी मर जाऊँगा, मैं मर जाऊँगा
मैं तनहा ना जी पाऊँगा
मैं जीते-जी मर जाऊँगा, मैं मर जाऊँगा
मेरा वजूद तेरे होने से है
मेरा ख़सारा तुझे खोने में है
आँखों को है तेरा ही इंतज़ार
तेरी ही चाहत दिल के हर कोने में है
तेरे बिन अब कहाँ जाऊँगा?
मैं तनहा ना जी पाऊँगा
मैं जीते-जी मर जाऊँगा, मैं मर जाऊँगा
मैं तनहा ना जी पाऊँगा
मैं जीते-जी मर जाऊँगा, मैं मर जाऊँगा





