कुछ पल यहीं रुकना मुझे
सब छोड़ कर छुपना मुझे
चाहे थोड़ी देर वक़्त के आगे
सब भूल कर झुकना पड़े
है अब ज़रूरत ख़ुद की मुझे
दिल की नसीहत सुननी मुझे
के अब हँसना मुझे, के अब रोना मुझे
के अब ख़ुद को पा के है अब खोना मुझे
के अब जगना मुझे, के अब सोना मुझे
के फिर ख़ुद को पा के है अब खोना मुझे
अब भी हूँ मैं इंसां वही
जिसकी दास्तां है बन रही
धुँधली सही, ठहरी सही
हो जैसी भी डगर, है ये मेरा सफ़र
है अब ज़रूरत ख़ुद की मुझे
दिल की नसीहत सुननी मुझे
के अब हँसना मुझे, के अब रोना मुझे
के अब ख़ुद को पा के है अब खोना मुझे
के अब जगना मुझे, के अब सोना मुझे
के अब ख़ुद को पा के है अब खोना मुझे
के अब हँसना मुझे, के अब रोना मुझे
के अब ख़ुद को पा के है अब खोना मुझे
के अब जगना मुझे, के अब सोना मुझे
के फिर ख़ुद को पा के है अब खोना मुझे
के अब ख़ुद को पा के
के अब ख़ुद को पा के
के अब ख़ुद को पा के
है अब खोना मुझे
के अब ख़ुद को पा के
के अब ख़ुद को पा के
के अब ख़ुद को पा के
है अब खोना मुझे

