दिल में है तू मेरे, क़िस्मतों में नहीं
हम जुदा भी नहीं, हम मिले भी नहीं
रू-ब-रू जो ख़ुदा मुझ से होगा कभी
तो पूछूँगा; तूने, ऐ, क्या कर दिया?
मेरे महबूब से क्यूँ जुदा कर दिया?
मेरे महबूब से क्यूँ जुदा कर दिया?
ऐ ख़ुदा, तूने ये क्या गुनाह कर दिया?
मेरे महबूब से क्यूँ जुदा कर दिया?
वक़्त की साज़िशें बेरहम थीं सभी
हम को मिलने से पहले जुदा कर गईं
जिन हवाओं से आती थी खुशबू तेरी
वो हवाएँ हमीं से दगा कर गईं
रू-ब-रू जो ख़ुदा मुझ से होगा कभी
तो पूछूँगा; तूने, ऐ, क्या कर दिया?
मेरे महबूब से क्यूँ जुदा कर दिया?
मेरे महबूब से क्यूँ जुदा कर दिया?
ऐ ख़ुदा, तूने ये क्या गुनाह कर दिया?
मेरे महबूब से क्यूँ जुदा कर दिया?
जिस्म के फ़ासले हैं, दिलों के नहीं
जो मैं तेरा नहीं तो किसी का नहीं
टूट कर बा-ख़ुदा मैं बिखर जाऊँगा
वो मिला ना मुझे तो मैं मर जाऊँगा
रू-ब-रू जो ख़ुदा मुझ से होगा कभी
तो पूछूँगा; तूने, ऐ, क्या कर दिया?
मेरे महबूब से क्यूँ जुदा कर दिया?
मेरे महबूब से क्यूँ जुदा कर दिया?
ऐ ख़ुदा, तूने ये क्या गुनाह कर दिया?
मेरे महबूब से क्यूँ जुदा कर दिया?





