तेरी मोहब्बत में वतन आसाँ है हर इम्तिहाँ
तेरे दीवानों ने मिल कर लो चुका दिया आसमाँ
तेरी इबादत में वतन मुमकिन है हर इम्तिहाँ
तेरे दीवानों ने तुझ पर लो लुटा दिया ये जहाँ
जब तक है हम में दम, तुझ पे फ़िदा, ऐ वतन
लहरा दो, लहरा दो, लहरा दो, लहरा दो
लहरा दो, लहरा दो, लहरा दो, लहरा दो...
नाम वतन, पहचान वतन
नहीं तेरे सिवा कोई और (कोई और)
जाऊँ मैं जहाँ तुझ को चाहूँ
तेरे नाम चारो ओर (चारो ओर)





