इक रास्ता है ज़िंदगी, जो थम गए तो कुछ नहीं
इक रास्ता है ज़िंदगी, जो थम गए तो कुछ नहीं
ये क़दम किसी मुक़ाम पे जो जम गए तो कुछ नहीं
इक रास्ता है ज़िंदगी, जो थम गए तो कुछ नहीं
ओ, जाते राही, ओ, बाँके राही
मेरी बाँहों को, इन राहों को
तू छोड़ के ना जा, तू वापस आ जा
वो हुस्न के जलवे हों, या इश्क़ की आवाज़ें
आज़ाद परिंदों की रुकती नहीं परवाज़ें
जाते हुए क़दमों से, आते हुए क़दमों से
भरी रहेगी राहगुज़र, जो हम गए तो कुछ नहीं
इक रास्ता है ज़िंदगी, जो थम गए तो कुछ नहीं
ये क़दम किसी मुक़ाम पे जो जम गए तो कुछ नहीं
Hmm, ऐसा गजब नहीं ढाना
पिया, मत जाना बिदेसवा रे, हाय
(ऐसा ग़ज़ब नहीं ढाना
(पिया, मत जाना बिदेसवा रे)
ओ, हमका भी संग लिए जाना
पिया, जब जाना बिदेसवा रे
हो, जाते हुए राही के साए में सिमटना क्या
इक पल के मुसाफ़िर के दामन से लिपटना क्या
जाते हुए क़दमों से, आते हुए क़दमों से...
भरी रहेगी राहगुज़र, जो हम गए तो कुछ नहीं
इक रास्ता है ज़िंदगी, जो थम गए तो कुछ नहीं
ये क़दम किसी मुक़ाम पे जो जम गए तो कुछ नहीं
इक रास्ता है ज़िंदगी, जो थम गए तो कुछ नहीं




