एक दिन जो ना देखूँ, लगे अरसा हो गया
तेरे नाम ज़िंदगी का हर लम्हा हो गया
बेगानी दुनिया अब लगे, कहीं भी ना मन लगे
कि बस तेरी राहें ढूँढता हूँ मैं हर जगह
जो गम थे ये दिल के, तुझ से मिल के अब कम लगें
जो दूर हुई नज़रों से, मैं तन्हा हो गया
एक दिन जो ना देखूँ, लगे अरसा हो गया
लाखों हसीन चेहरे दुनिया में, पर
एक तेरे ही बस चेहरे से नज़र नहीं हटती
दिल भी मेरा एक सुनता नहीं मेरी
तेरा हुआ ये दीवाना, ਦੱਸ किसकी है गलती
दिल करे रोज़ मिलूँ, अब रहा ना सबर
तेरी बस याद साथ, सब तेरा है असर
दुनिया की सब खुशियाँ मैं तेरी कर दूँ
वे तेरे लिए कभी ना मैं छोड़ूँ कोई कसर
बेसबर, है शराब भी अब बे-असर
मेरे जज़्बातों से तू क्यूँ है बेखबर?
मेरा प्यार ना बयान होना लफ़्ज़ों में
तुझ सा ना यार वे नसीब होना अरसों में
मेरे यारों के आगे अब तेरा चर्चा हो गया
एक दिन जो ना देखूँ, लगे अरसा हो गया
एक दिन जो ना देखूँ, लगे अरसा हो गया
सब खोना मंज़ूर, जो तू मिल जाए
डरे दिल, उम्मीदों पे कहीं पानी ना फ़िर जाए
चेहरा तेरा देखने को तरसी ये आँखें
हर गम भूल जाऊँ जब भी तू मुस्कुराए
दिन ढले वे तुझे देखने को दिल करे
घबराए ये मन, जो ना आ के तू मिले
खामियाँ भी तेरी लगती हसीन
आ, थाम मेरा हाथ, खतम करें अब गिले
खाली सी ये ज़िंदगी, तू ही है अब हर खुशी
जब साथ तेरे होता ना, तब साथ देती बेखुदी
हर तारा मेरे प्यार का गवाह हो गया
तुझे देखे बिना लगे अरसा हो गया
था उलझनों में मैं, सुलझा तुझको पाकर ही
होती क्या है दिल्लगी सिखाया तूने आकर ही
ये दिल भी अब तो हर पल मुझे आज़माने लगा
मेरी नहीं सुनता एक भी, अपनी चलाने लगा
क्यूँ रब से भी अब ऊपर तेरा दर्जा हो गया?
एक दिन जो ना देखूँ, लगे अरसा हो गया
एक दिन जो ना देखूँ, लगे अरसा हो गया

