माँ, ओ, माँ, माँ, ओ, माँ
माँ, ओ, माँ, माँ, ओ, माँ
पास बुलाती है, कितना रुलाती है
पास बुलाती है, कितना रुलाती है
याद तुम्हारी जब-जब मुझको आती है, आती है
पास बुलाती है, कितना रुलाती है
पास बुलाती है, कितना रुलाती है
याद तुम्हारी जब-जब मुझको आती है, आती है
जिनके सर पे ममता की दुआएँ हैं
क़िस्मत वाले वो हैं, जिनकी माएँ हैं
जिनके सर पे ममता की दुआएँ हैं
क़िस्मत वाले वो हैं, जिनकी माएँ हैं
जिस्म तो होता है, पर जाँ नहीं होती
उनसे पूछो जिनकी माँ नहीं होती
लोरी सुनाती, चुपके सुलाती है
लोरी सुनाती, चुपके सुलाती है
याद तुम्हारी जब-जब मुझको आती है, आती है
आजा, सीने से तुझको लगा लूँ मैं
चीर के दिल को धड़कन में छुपा लूँ मैं
आजा, सीने से तुझको लगा लूँ मैं
चीर के दिल को धड़कन में छुपा लूँ मैं
सावन बन-बन के मेरी आँखें बरसी हैं
तेरे लिए कितना ये पल-पल तरसी हैं
कितना सताती है, जाँ ले जाती है
कितना सताती है, जाँ ले जाती है
याद तुम्हारी जब-जब मुझको आती है, आती है
माँ, ओ, माँ, माँ, ओ, माँ
माँ, ओ, माँ, माँ, ओ, माँ

