सर पे तेरे इश्क़ वाला बदल बनके आऊँगा
सर पे तेरे इश्क़ वाला बदल बनके आऊँगा
ऐसे मौसम में लगता है मैं पागल हो जाऊँगा
इक तो तेरा चाँद सा चेहरा
उस पे चाँदनी रात है
पहली-पहली बरसात है
इस मौसम में तू साथ है
घर जाने की ज़िद ना करो
भीगने वाली ये रात है
पहली-पहली बरसात है
इस मौसम में तू साथ है
घर जाने की ज़िद ना करो
भीगने वाली ये रात है
रोकूँ मैं कैसे खुद को, दिल को सँभालूँ
दिल चाहता है तुझको दिल में बसा लूँ
चेहरे से तेरे नज़रें हटती नहीं हैं
आ, पास आजा, तुझको सीने से लगा लूँ
सावन में भी प्यासा है मन
कैसा है ये दीवानापन?
बूँदों में भी भड़क रही है
कैसी दिल में ये आग है
पहली-पहली बरसात है
इस मौसम में तू साथ है
घर जाने की ज़िद ना करो
भीगने वाली ये रात है
पहली-पहली बरसात है
इस मौसम में तू साथ है
घर जाने की ज़िद ना करो
भीगने वाली ये रात है





