या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः
(जय दुर्गा, जय दुर्गा, जय दुर्गा)
(जय दुर्गा, जय दुर्गा)
शक्तिशालिनी, असुरसंहारिणी (जय दुर्गा)
हम तेरे चरणों में आएँ
तेरी भक्ति (जय दुर्गा), तेरी शक्ति
रखें मन में मशाल जलाएँ
तेरा ध्यान धरें, तेरा मान करें
तन-मन रन में झौंक दिया
जय-जय दुर्गा, शेरों वाली
अब तू ही कल्याण करे
तू ही शक्ति, तू ही काली
अब तू ही कल्याण करे
जय-जय दुर्गा, शेरों वाली
अब तू ही कल्याण करे
तू ही शक्ति, तू ही काली
अब तू ही कल्याण करे
जय-जय दुर्गा
সিন্দুর লাল, আগুন জ্বাল
মুক্তির যোদ্ধার আজ হলো কাল
तेरी भस्म, तन पे लगा
आँखों में आया है अब अब उबाल
चाह में तेरी, राह ये मेरी
संग तू है तो जीत अपनी
पल-पल अपना, जीवन, सपना
तुझ पे है वारी प्रीत अपनी
मौत अपने सर पे लिए
आँखों में जलते दिए
आगे बढ़े हम माता के साथ से
तेरा ध्यान धरें, तेरा मान करे
तन-मन रण में झोंक दिया
जय-जय दुर्गा, शेरों वाली
अब तू ही कल्याण करें
तू ही शक्ति, तू ही काली
अब तू ही कल्याण करें
जय-जय दुर्गा, शेरों वाली
अब तू ही कल्याण करें
तू ही शक्ति, तू ही काली
अब तू ही कल्याण करें
जय-जय दुर्गा
कनक समान कलेवर रक्ताम्बर साजे (हे)
रक्त-पुष्प गल माला, कंठन पर साजे (हाँ)
अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमोदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते
गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनी विष्णुविलासिनी जिष्णुनुते (जिष्णुनुते)
भगवति, हे, शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते
जय-जय हे, महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते (शैलसुते)
सुरवर वर्षिणि, दुर्धर धर्षिणि, दुर्मुख मर्षिणि हर्षरते
त्रिभुवनपोषिणि, शङ्करतोषिणि, किल्बिष मोषिणि घोषरते (घोषरते)
दनुजनिरोषिणि, दितिसुतरोषिणि, दुर्मदशोषिणि सिन्धुसुते
जय-जय हे, महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते (शैलसुते)
अयि जगदम्ब मदम्ब कदम्ब वनप्रिय वासिनि हासरते
शिखरि शिरोमणि तुङ्गहिमालय शृङ्गनिजालय मध्यगते (मध्यगते)
मधुमधुरे मधुकैटभ गञ्जिनि कैटभ भञ्जिनि रासरते
जय-जय हे, महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते (शैलसुते)
रम्यकपर्दिनि शैलसुते (शैलसुते)
रम्यकपर्दिनि शैलसुते (शैलसुते)





