अलख निरंजन, आदेश! आदेश! आदेश!
ॐ फट्, हूं, फट्
अलख निरंजन, आदेश! आदेश!
अलख निरंजन, आदेश! आदेश!
माया लेके आए मच्छिंदर
झोली में युग भस्म अंबर
रुद्रमाला वैराग्य छाया
भोग-मोक्ष का भेद दिखाया
नाथ पंथ दादा, गुरु
काया पलटे, सत्य शुरू
अलख निरंजन, आदेश, आदेश!
काल, कर्म, क्लेश भस्म, जोगी निर्विशेष
अलख निरंजन, आदेश, आदेश!
आगे-आगे गोरख जागे
अलख निरंजन
काल का लेखा पल में जले
अघोर अग्न में भाग्य ढले
ॐ राम-राम-राम, हूं-हूं, फट्
क्रीं कालाग्नि, आदेश तत्
हूं, फट्, हूं, फट्
अलख निरंजन, आदेश! आदेश!
अलख निरंजन, आदेश! आदेश!
भगवा वेश, हाथ में खप्पर
भैरव रूप, शिव का जप कर
जहाँ-जहाँ जाऊँ, नगर-डगर
लगे वहाँ जोगी मेला
शिव का धुना गोरख तापे
काल कंटक् थर-थर-थर काँपे
मेरी रक्षा करे नव नाथ
रामदूत हनुमंत साथ
रिद्धि- सिद्धि आँगन आए
माँ अन्नपूर्णा अन्न बरसाए
ॐ, मैं ना देह, मैं ना नाम
मैं केवल ज्वाला, केवल राम
शब्द साँचा, पिंड काँचा
ईश्वर वाचा, सत्य रचाई
अलख निरंजन, आदेश! आदेश!
अलख निरंजन, आदेश! आदेश!
अलख निरंजन, आदेश! आदेश!
आदेश! आदेश!
अलख निरंजन, आदेश! आदेश!
ॐ





