दिलबर दिलबर
चढ़ा जो मुझपे सूरूर है
असर तेरा ये ज़रूर है
तेरी नज़र का क़सूर है
दिलबर दिलबर
आ पास आ तू क्यों दूर है
यह इश्क़ का जो फ़ितूर है
नशे में दिल तेरे चूर है
दिलबर दिलबर
अब तो होश ना ख़बर है
ये कैसा असर है
होश ना ख़बर है
ये कैसा असर है
तुमसे मिलने के बाद दिलबर
तुमसे मिलने के बाद दिलबर
दिलबर दिलबर
दिलबर दिलबर
दिलबर दिलबर
दिलबर दिलबर
करती काटल न ऐसे तू चल
पहेली का इस निकालो कोई हल
हुस्न का पिटारा खिलता कमल
कर लूं मैं साबर क्यूँ की मिठा है फल
तू मेरा ख्वाब है
तू मेरे दिल का करार
देख ले जान इ मन्न देख ले बस एक बार
चैन खो गया है
कुछ तो हो गया है
चैन खो गया है
कुछ तो हो गया है
तुमसे मिलने के बाद दिलबर
तुमसे मिलने के बाद दिलबर
अब तो होश ना ख़बर है
ये कैसा असर है
होश ना ख़बर है
ये कैसा असर है
तुमसे मिलने के बाद दिलबर
तुमसे मिलने के बाद दिलबर
दिलबर दिलबर





