ऐ, सुन राधिका दुलारी, तेरे द्वार का भिखारी
तेरे श्याम का पुजारी, एक पीड़ा है हमारी
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
हम सोचते थे कान्हा कहीं कुंजन में होगा
हम सोचते थे कान्हा कहीं कुंजन में होगा
हो, अभी तो मिलन का हम ने सुख नहीं भोगा
हाँ, अभी तो मिलन का हम ने सुख नहीं भोगा
सुन के प्रेम की परिभाषा
सुन के प्रेम की परिभाषा, मन में बँधी थी जो आशा
आशा हुई रे निरशा, झूठी दे गया दिलासा
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
देता है कन्हाई जिसे प्रेम की दशा
देता है कन्हाई जिसे प्रेम की दशा
हो, सब विधि उसकी लेता है परिक्षा
हो, सब विधि उसकी लेता है परिक्षा
कभी निकट बुलाए
कभी निकट बुलाए, कभी दूरियाँ बढ़ाये
छलिया हाथ नहीं आए
छलिया हाथ नहीं आए
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
अपना जहाँ जिसे कहें सब कोई
अपना जहाँ जिसे कहें सब कोई
उस के लिए मैं ही दिन-रात रोई
उस के लिए मैं ही दिन-रात रोई
नेह दुनिया से तोड़ा
नेह दुनिया से तोड़ा, नाता साँवरे से जोड़ा
नाता साँवरे से जोड़ा
उसने ऐसा मुख मोड़ा, मुझे कहीं का ना छोड़ा
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
ऐ, सुन राधिका दुलारी, तेरे द्वार का भिखारी
तेरे श्याम का पुजारी, एक पीड़ा है हमारी
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला (सुन श्यामा)
हमें श्याम ना मिला
हमें श्याम ना मिला (सुन राधिका)
हमें श्याम ना मिला
