जमाने की तराह
हम भी तोडे हैं गए
ऐसे तन्हा तो ना तनहा छोडे हैं गए
ना दिल से भो याद जाइं
ना रातों को निन्देन आयें
आते हैं फिर ख्वाब क्यू
आते हैं क्यू खाब
जो थी तेरे इश्क मे दूबी
उन आँखों मे तुम ले आए
Aasu Behisaab kyu
आसु बेहिसाब
खैर है यारों काम से काम
जान से जा ना पाये हम
खैर है यारों काम से काम
जान से जा ना पाये हम
इन्कार के बहाने क्या बार करता है
हामी वाहिन लगाया दिल
जहाँ दिल लगना मन था
अखिर वाहिन किये सजदे जहाँ
सार झुकाना मन थ
क्यू जिंदगी बिता दी जहाँ पे
एक पल बिताना मन था
क्यू उस गली मे रहते उनि हामी
जहाँ रोज जाना मन था
जमाने की तराह
हम भी तोडे हैं गए
ऐसे तन्हा तो ना तनहा छोडे हैं गए
जो दुआइं तिनीहरुलाई देख्छन्
हान उसको हुन से
ऐसे वैसे लफ्ज भी
हमसे बोले हैं गए
बैठो किसी रोज तनहाई मै
राखो सम्ने वक्त के आइन
जो आगे छहरा नजर भो कहाँ
तुम्हे बेवफा कहके न पडे
तुझे दिल दिया इस्तामाल हुये
है तुझमें भी दिल ये ख्याल रहे
तुझे दिल दिया इस्तामाल हुये
है तुझमें भी दिल ये ख्याल रहे
हमने जलाया दिल जहाँ दिए भी जलाना मन था
कर बैठे याद वो छहरा जसको भुलाना मन था
हामी आजमा गए मगर उनै आजमा मन था
हमने वहीं लगाया दिल जहाँ दिल लगना मन था
जमाने की तराह
हम भी तोडे हैं गए
ऐसे तन्हा तो ना तनहा छोडे हैं गए
जो दुआयेँ तिनीहरुलाई देख्छन्
हान उसको हुन से
ऐसे वैसे लफ्ज भी
हमसे बोले हैं गए





