तुम से ही मिल कर तो
दिल धड़कता है
तुम साँसों जैसे हो
ऐसा लगता है
पहली दफ़ा जो होने लगा है
पहले हुआ ना कभी
महसूस दिल ने जो भी किया है
लफ़्ज़ों में कह दूँ अभी
प्यार हो, जब प्यार हो
हर बार हो तुम से ही
प्यार हो, बेशुमार हो
हर बार हो तुम से ही
तुम जो नहीं थे साथ तो
तन्हा सा था दिल का सफ़र
बे-ख़्वाब ही सोती रही
जगती रही मेरी नज़र
आ पास मेरे, पलकों पे रख दूँ
जितने सपने हैं सभी
होंठों पे मेरे खुलने लगी है
ख़्वाहिश थी दिल में दबी
प्यार हो, जब प्यार हो
हर बार हो तुम से ही
प्यार हो, बेशुमार हो
हर बार हो तुम से ही
तुम पे रुकें, तुम से चलें
लम्हे मेरे अब तो यहाँ
राहें मेरी तुम पे थमीं
अब है मुझे जाना कहाँ?
तुम बिन चलूँ तो क़दमों से मेरे
ये रूठ जाए ज़मीं
अब ज़िंदगी में कुछ हो ना
पर इक बात है लाज़मी
प्यार हो, जब प्यार हो
हर बार हो तुम से ही
प्यार हो, बेशुमार हो
हर बार हो तुम से ही





