मैं चली मैं चली, देखो प्यार की गली
मुझे रोके न कोई, मैं चली, मैं चली
मैं चली मैं चली, देखो प्यार की गली
मुझे रोके न कोई, मैं चली, मैं चली
न न ना मेरी जाँ, देखो जाना न वहाँ
कोई प्यार का लुटेरा, लूटे न मेरी जाँ
ह ह हा मेरी जाँ, देखो जाना न वहाँ
कोई प्यार का लुटेरा, लूटे न मेरी जाँ
ये फ़िज़ा, ये हवा, ये नज़ारे, ये समा
अब प्यार न हुआ तो फिर कब होगा
ये फ़िज़ा, ये हवा, ये नज़ारे, ये समा
अब प्यार न हुआ तो फिर कब होगा
कोई खेल तो नहीं, ये है प्यार मेरी जाँ
तुझे पता भी न चलेगा ये जब होगा
मैं चली मैं चली, देखो प्यार की गली
मुझे रोके न कोई, मैं चली मैं चली
है दीवानी ये जवानी कोई समझाये क्या
कब रोकने से रुकते हैं दीवाने
है दीवानी ये जवानी कोई समझाये क्या
कब रोकने से रुकते हैं दीवाने
तू है अभी नादां, जरा सोच मेरी जाँ
रोज आते नहीं दिन ऐसे मस्ताने
न न ना मेरी जाँ, देखो जाना न वहाँ
कोई प्यार का लुटेरा, लूटे न मेरी जाँ
ह ह हा मेरी जाँ, देखो जाना न वहाँ
कोई प्यार का लुटेरा, लूटे न मेरी जाँ
कहीं आँख ना मिली, कहीं दिल ना लगा
तो प्यार का ज़माना किस काम आया
ये रुत, ये घटा बोलो सोचेगी क्या
जो किसी का ना होठों पे नाम आया
मैं चली मैं चली, देखो प्यार की गली
मुझे रोके न कोई, मैं चली, मैं चली
ना ना ना मेरी जां, देखो जाना ना वहाँ
कोई प्यार का लुटेरा, लूटे न मेरी जाँ


