उसको सब पता है
उसको सब पता है
मेरे बचपन की सारी कहानी
वो शतरंज, ताश, राजा और रानी
मेरे हाथ की खरोच, पैर की पुरानी मोच
मासूम, नादान पहली-पहली सोच
उसको सब पता है
मेरे गीतों का राज़, सपनों का साज़
दिल की छत पे उड़ती वो पतंग का निबाज़
काँपती है क्यूँ कभी-कभी मेरी आवाज़?
उसको सब पता है
मेरे बचपन की सारी कहानी
वो शतरंज, ताश, राजा और रानी
मेरे घर का वो कछुआ, अकेलेपन का कुआँ
सस्ता वो खिलौना, मेरा चांदी-सोना
यादें खारी-खारी, आदतें वो सारी (सारी)
उसको सब पता है
उसको सब पता है
मेरे बचपन की सारी कहानी
वो शतरंज, ताश, राजा और रानी
उसको सब पता है
