जन्मों-जनम का तुझ से रिश्ता मेरा
मर के भी होंगे ना हम तुझ से जुदा
पाने की तुझ को की है हम ने ख़ता
अब जो भी दुनिया चाहे दे-दे सज़ा
जन्मों-जनम का तुझ से रिश्ता मेरा
मर के भी होंगे ना हम तुझ से जुदा
पाने की तुझ को की है हम ने ख़ता
अब जो भी दुनिया चाहे दे-दे सज़ा
जब भी लिखेगा, तुझे ही लिखेगा
मेरी तक़दीर में मेरा ख़ुदा
जन्मों-जनम का तुझ से रिश्ता मेरा
मर के भी होंगे ना हम तुझ से जुदा
लफ़्ज़ों की धरती बंजर
उगते हैं कंकर-पत्थर
सच्चे हैं जज़्बे मेरे
जज़्बों को दे-दे माली
आँखों में पढ़ ले, आजा
धड़कन में सुन ले, आजा
महसूस कर ले, जानम
इस दिल की बेज़बानी
ख़ामोशी की पलकों पर हर आँसू एक कहानी
ख़ामोशी की पलकों पर हर आँसू एक कहानी
टूटेंगे जब ये आँसू होगी सदा
गूँजेगी आहों से ये सारी फ़ज़ा
जन्मों-जनम का तुझ से रिश्ता मेरा
मर के भी होंगे ना हम तुझ से जुदा
तेरा-मेरा ये रिश्ता है आसमाँ पे लिखा
ना इस का नाम कोई, ना इस का कोई चेहरा
तोड़ के सारे धागे निकले हदों से आगे
दीवानगी की ख़ातिर हम ने चुना है सहरा
हम-तुम बहता पानी हैं
पानी पे किस का पहरा?
हम-तुम बहता पानी हैं
पानी पे किस का पहरा?
आज़ाद फ़ितरत अपनी, जैसे हवा
मर्ज़ी से अपनी बरसे जैसे घटा
जन्मों-जनम का तुझ से रिश्ता मेरा
मर के भी होंगे ना हम तुझ से जुदा
जब भी लिखेगा, तुझे ही लिखेगा
मेरी तक़दीर में मेरा ख़ुदा
जन्मों-जनम का तुझ से रिश्ता मेरा
मर के भी होंगे ना हम तुझ से जुदा

