कितना सुकूँ, कितना आराम है
कितना सुकूँ, कितना आराम है
पास में तुम हो और हाथों में जाम है
शायद मेरी ज़िन्दगी की सब से हसीं ये शाम है
कितना सुकूँ, कितना आराम है
पास में तुम हो और हाथों में जाम है
शायद मेरी ज़िन्दगी की सब से हसीं ये शाम है
कितना सुकूँ, कितना आराम है
कह रहा है ये दिल बेख़ुदी में, सनम
और क्या चाहिए ज़िन्दगी में, सनम?
कह रहा है ये दिल बेख़ुदी में, सनम
और क्या चाहिए ज़िन्दगी में, सनम?
आशिक़ी का नशा ऐसे जाता नहीं
तुम को देखे बिना चैन आता नहीं
कैसे ज़िंदा रहूँ?
इन होंठों पे सिर्फ़ तुम्हारा नाम है
पास में तुम हो और हाथों में जाम है
शायद मेरी ज़िन्दगी की सब से हसीं ये शाम है
कितना सुकूँ, कितना आराम है
दिलरुबा, है किया मैंने ये फ़ैसला
अब तो जीना नहीं है तुम्हारे सिवा
दिलरुबा, है किया मैंने ये फ़ैसला
अब तो जीना नहीं है तुम्हारे सिवा
थोड़ा पागल हूँ मैं, थोड़ा दीवाना हूँ
बस तुम्हारा हूँ मैं, सब से बेगाना हूँ
और क्या मैं कहूँ?
इश्क़ तेरा मेरी चाहत का इनाम है
पास में तुम हो और हाथों में जाम है
शायद मेरी ज़िन्दगी की सब से हसीं ये शाम है
कितना सुकूँ, कितना आराम है
पास में तुम हो और हाथों में जाम है
शायद मेरी ज़िन्दगी की सब से हसीं ये शाम है





