(ऐसी नज़र लगी)
(ऐसी नज़र लगी)
आँसू बहते हैं, क्या कुछ सहते हैं
हम तो हुए हैं बड़े ही सताए
इतना टूटे हैं, ख़ुद से भी रूठे हैं
जब से हुए हैं तुम से पराए
हाल बुरा है, दर्दों के मारे
जाएँ कहाँ हम इश्क़ में हारे?
ना ख़बर लगी, इस क़दर लगी
रब जाने किसकी नज़र लगी
ना ख़बर लगी, इस क़दर लगी
रब जाने किसकी नज़र लगी
(ऐसी नज़र लगी, बन के ज़हर लगी)
(हर पल फ़िकर लगी, अब क्या करूँ मैं?)
(इतनी बदतर लगी, रूह तक ठोकर लगी)
(तोड़ने घर लगी, ऐसी नज़र लगी)
ऐसे लगता है करके मोहब्बत
मुझसे है नादानी हुई
जाते देख के तुमको इस तरह
ग़म से भी ज़्यादा हैरानी हुई
दिल के क़रीब तू, पर ना है नसीब तू
पागल कहलाए, ऐसे ठुकराए
होश ज़रा-सा भी ना यारा
नींद ना आए, याद सताए
ऐसे टूटे, ना जुड़ना दोबारा
ना ख़बर लगी, इस क़दर लगी
रब जाने किसकी नज़र लगी
ना ख़बर लगी, इस क़दर लगी
रब जाने किसकी नज़र लगी
(ऐसी नज़र लगी, बन के ज़हर लगी)
(हर पल फ़िकर लगी, अब क्या करूँ मैं?)
(इतनी बदतर लगी, रूह तक ठोकर लगी)
(तोड़ने घर लगी, ऐसी नज़र लगी)
ना ख़बर लगी, इस क़दर लगी
रब जाने किसकी नज़र लगी
ना ख़बर लगी, इस क़दर लगी
रब जाने किसकी नज़र लगी
(ऐसी नज़र लगी)





