ठंडा कुछ नहीं सब गरम ही गरम है
अंगार है, अंगार है
Two by four, दो से चार है
अब करो D-Cypher भाई
Old school, old school वाला flow
खड़ा हूँ कैसे मैं यहाँ पे अब ना पूछना
दर्द शायरी में तुझको चाहिए सबूत क्या
शिखर ये सोच पर, जुडा हूँ मैं ज़मीन से
यकीन तुमको ना पर आगे आया मैं यकीन से
लाख नफरतें हों साथ माँ का प्यार है
हंसी है उसकी जीत मेरी कैसे जाऊँ हार मैं
काट लो जुबां, आँसुओ से गाऊँगा
गाड़ दो, बीज हूँ मैं पेड़ बन ही जाऊँगा
दिल था टूटा तब hip-hop मेरे साथ था
उजाले मिलने में मुझे, हाँ रात का ही हाथ था
कलाकार मैं, कल को आकार दूँ
येही है मेरा धर्म, मेरी दूसरी कोई जात ना
माँ है रब मेरी, गली ये मेरी माशूका
लड़का ऐडा मैं, झुकाने पर भी ना झुका
सुन रहे जो मुझको बेशुमार प्यार उनसे
बनता गीत मैं, पर मैं खुद बना हूँ तुमसे
गौर करलो मेरी बातों पे तुम ध्यान दो
नैनो को मैं नम करूँ, सुकून मैं देता कान को
चिलाओ ज़ोर से उठाओ अपने हाथ तुम
असली hip-hop से मिलाए हिंदुस्तान को
हिंदुस्तान को, हाँ जी हिंदुस्तान को
असली hip-hop से मिलाए हिंदुस्तान को
हिंदुस्तान को, हाँ जी हिंदुस्तान को
असली hip-hop से मिलाए हिंदुस्तान को
क्या




