रोज़-रोज़ डाली-डाली क्या लिख जाए?
भँवरा बावरा, बावरा
रोज़-रोज़ डाली-डाली क्या लिख जाए?
भँवरा बावरा
कलियों के नाम कोई लिखे पैग़ाम कोई
कलियों के नाम कोई लिखे पैग़ाम कोई
बावरा भँवरा, बावरा
रोज़-रोज़ डाली-डाली क्या लिख जाए?
भँवरा बावरा, बावरा
बीते हुए मौसम की कोई निशानी होगी
प-म-प, म-ग-म, ग-रे-ग, नि-रे-नि-म, ग-रे-प
बीते हुए मौसम की कोई निशानी होगी
दर्द पुराना कोई, याद पुरानी होगी
दर्द पुराना कोई, याद पुरानी होगी
कोई तो दास्ताँ होगी ना
रोज़-रोज़ डाली-डाली क्या लिख जाए?
भँवरा बावरा, बावरा
होगा कोई वादा होगा, वादा निभाता होगा
हाँ, होगा कोई वादा होगा, वादा निभाता होगा
शाखों पे लिखकर याद दिलाता होगा
शाखों पे लिखकर याद दिलाता होगा
याद तो आती ही होगी ना
रोज़ रोज़ डाली डाली...
रोज़ रोज़ डाली डाली...
रोज़-रोज़ डाली-डाली क्या लिख जाए?
भँवरा बावरा, बावरा





