चरण छूते ही रघुवर के, अभागे भागे जाग हैं
चरण छूते ही रघुवर के, अभागे भागे जाग हैं
लिखा संदेश जो मैंने, प्रभु का नाम आगे है
कौशल्या के करुणा-नंदन, जपे है जग तेरा नाम
रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता-राम
रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता-राम
जय-जय राम, सीता-राम, सीता-राम, सीता-राम
रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता-राम
रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता-राम
भक्त की भावना जुड़ गई रघुनंदन से (राम मेरे, मेरे राम)
भक्त की भावना जुड़ गई रघुनंदन से
प्रेम की डोरियाँ बँधी राम-नाम के बँधन से
राम-नाम से जो ना डूबा पत्थर भी पानी के ऊपर, राम कथा भी तुलसी बखाने
कौशल्या के करुणा-नंदन, जपे है जग तेरा नाम
रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता-राम
रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता-राम
जय-जय राम, सीता-राम, सीता-राम, सीता-राम
नैना जो थे मेरे अभागे, धन्य हुए अब दर्शन पाके (राम मेरे, मेरे राम)
नैना जो थे मेरे अभागे, धन्य हुए अब दर्शन पाके
प्यार का मोह तो उनसे पूछो, भजत हरि-हर नाम मिलेंगे
जितने हिस्से मन के कर लो, हर हिस्से में राम मिलेंगे
कौशल्या के करुणा-नंदन, जपे है जग तेरा नाम
रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता-राम
रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता-राम
जय-जय राम, सीता-राम, सीता-राम, सीता-राम





