आ, मेरे हमजोली, आ, खेलें आँख-मिचोली, आ
गलियों में, चौबारों में, बागों में, बहारों में, हो
ओ, मैं ढूँढूँ, तू छुप जा
आ, मेरे हमजोली, आ, खेलें आँख-मिचोली, आ
गलियों में, चौबारों में, बागों में, बहारों में, हो
मैं ढूँढूँ, तू छुप जा
मैं आऊँ? (ना-ना)
मैं आऊँ? (ना-ना-ना)
आऊँ? (ना)
मैं आऊँ? (आजा)
पीपल के ऊपर जा बैठा चुप से मेरा साथी
धक से लेकिन धड़क गया दिल, गिर गई हाथ से लाठी
ओ, पकड़ा गया
(ओ, पकड़ा गया)
मैं आऊँ? (ना-ना)
मैं आऊँ? (ना-ना-ना)
आऊँ? (ना)
मैं आऊँ? (आजा)
पनघट के पीछे जा बैठी, ओ, छुपके मेरी सजनिया
छन से लेकिन अनजाने में छनक गई पैंजनिया
ओ, पकड़ी गई
(ओ, पकड़ी गई)
(आ, मेरे हमजोली, आ, खेलें आँख-मिचोली, आ)
(गलियों में, चौबारों में, बागों में, बहारों में, हो)
मैं ढूँढूँ, तू छुप जा
मैं आऊँ? (ना-ना)
मैं आऊँ? (ना-ना-ना)
आऊँ? (ना)
मैं आऊँ? (आजा)
ओ, मेरे नैनों से तू छुप सकता है, ओ, मेरे रसिया
लेकिन मेरे मन से छुपना मुस्किल है, मन-बसिया
ऐ, पकड़ा गया
(ओ, पकड़ा गया)
मैं आऊँ? (ना-ना)
मैं आऊँ? (ना-ना-ना)
आऊँ? (ना)
मैं आऊँ? (आजा)
काहे लुक-छुप के खेल में छेड़े तू प्रेम की बतियाँ?
देख, तमाशा देख रही हैं सारे शहर की अखियाँ
ऐ, पकड़ी गई
(ओ, पकड़ी गई)
(आ, मेरे हमजोली, आ, खेलें आँख-मिचोली, आ)
(गलियों में, चौबारों में, बागों में, बहारों में, हो)
ओ, मैं ढूँढूँ, तू छुप जा
(आ, मेरे हमजोली, आ, खेलें आँख-मिचोली, आ)
(गलियों में, चौबारों में, बागों में, बहारों में, हो)
ओ, मैं ढूँढूँ, तू छुप जा
(मैं ढूँढूँ, तू छुप जा)
(मैं ढूँढूँ, तू छुप जा)




