मायावी अखियाँ तेरी
करने लगीं क्या जादूगरी?
मैं हूँ यहाँ खोया-खोया
तुम से मिली ये बेसबरी
मरकज़ हो मेरी दुनिया के तुम्हीं
हाँ, तुम सा कोई नहीं
क़ैद करो ज़ुल्फ़ों से ज़रा
चाहूँ कभी ना होना रिहा
रूह में घुल, ऐसा कुछ कर
इतने मेरे नज़दीक तू आ
क़ुदरत से माँगा है
डाली हैं अर्ज़ियाँ
अब आगे होगा जो
क़िस्मत की मर्ज़ियाँ
जो भी होगा, होगा जो भी...
हाँ, जो भी होगा, होगा जो भी होते-होते
आएगा दिन ऐसा भी कोई
जब तुम मुझसे ये कहोगी कभी
"हम तुम से बनें एक जान नई"
ज़िंदगी का चलन बस है तो यही
मरकज़ हो मेरी दुनिया के तुम्हीं
हाँ, तुम सा कोई नहीं
यारा, ओ, यारा
गाता हूँ सारा दिन सारा
माने ना माने दिल ये
कैसा है बेचारा, हाँ
नूर से तेरे जो टकराए
वश में वो तेरे आ जाए
मुश्किल है अब होना गुज़ारा
तुम ना मिलो तो मर जाएँ
जो भी होगा, होगा जो भी...
हाय, जो भी होगा, होगा जो भी होते-होते
आएगा दिन ऐसा भी कोई
जब तुम मुझसे ये कहोगी कभी
"हम तुम से बनें एक जान नई"
ज़िंदगी का चलन बस है तो यही
मरकज़ हो मेरी दुनिया के तुम्हीं
हाँ, तुम सा कोई नहीं
मायावी





