रैना, उसके जैसी ही तू बावरी, रैना, रैना
कितनी ख़ामोशियों से भरी
थोड़ी जागी सी, खोई-खोई सी
सर्द सी, फ़र्श पे सोई सी, गुम हो जैसे चैना
रैना, उसके जैसी ही तू बावरी, रैना, रैना
नैनों में काजल कारा डार के
वो छोटी सी बिंदिया सजाए
चुपके जैसे कहीं बादलों में
चाँद तेरा नैना चुराए
हँसती रेशम सी, खुरदुरी बातें
हँसती रेशम सी, खुरदुरी बातें
सुबह हो जाए
फिर भी ना कहती वो जो है कहना
रैना, उसके जैसी ही तू बावरी, रैना, रैना
कितनी ख़ामोशियों से भरी
थोड़ी जागी सी, खोई-खोई सी
सर्द सी, फ़र्श पे सोई सी, गुम हो जैसे चैना
रैना, उसके जैसी ही तू बावरी, रैना, रैना


