तू कहाँ, ये बता, इस नशीली रात में, माने ना मेरा दिल दीवाना
बड़ा नटखट है समां, हर नज़ारा है जवाँ, छा गया चारों तरफ़, मेरी आहों का धुआँ
दिल मेरा, मेरी जाँ, ना जला
तू कहाँ, ये बता.
आई जब ठंडी हवा, मैंने पूछा जो पता, वो भी कतरा के गई, और बेचैन किया
प्यार से, तू मुझे, दे सदा
तू कहाँ, ये बता...
चांद तारों ने सुना, इन बहारों ने सुना, दर्द का राग मेरा, रहगुज़ारों ने सुना, तू भी सुन, जानेमन, आ भी जा
तू कहाँ, ये बता...
तू कहाँ, ये बता...





