अछा लगता है
अछा लगता है
बेताबी है जुनून है
पल भर का ना सुकून है
झूठा है फिर भी,कितना सॅचा लगता है
इश्क़ अछा लगता,हन, इश्क़ अछा लगता
काई सपने यह दिखाए
फिर पल में तोड़ जाए
झूठा है फिर भी कितना सॅचा लगता है
इश्क़ अछा लगता,हन, इश्क़ अछा लगता
दिल जो है बेचारा यह
शीशे का है सारा यह
पथरो की गलियों में
फिरता है मारा मारा यह
दिल जो है बेचारा यह
शीशे का है सारा यह
पथरो की गलियों में
फिरता है मारा मारा यह
कभी हस्ते हस्ते रोए,कभी जागे जागे सोए
जब ज़िद्द करता है तो,छ्होटा बचा लगता है
हन इश्क़ अछा लगता.
आखों में शरारे भी
बातों में इशारे भी
थोड़े झल्ले होते हैं
ये इश्क़ वेल सारे ही
आखों में शरारे भी
बातों में इशारे भी
थोड़े झल्ले होते हैं
ये इश्क़ वाले सारे ही
खुद सरगमें बनाए
और खुद ही गुण-गुनाए
रोते हैं जब कोई सुर कचा लगता है
हन इश्क़ अछा लगता
बेताबी है जुनून है
पल भर का ना सुकून है,
झूठा है फिर भी
कितना सॅचा लगता है
इश्क़ अछा लगता,हन इश्क़ अछा लगता





