तुम लड़की हो, मैं लड़का हूँ
तुम आयी तो सच कहता हूँ
आया मौसम दोस्ती का
के आया मौसम दोस्ती का
मैं लड़की हूँ, तुम लड़के हो
यूँ लगता है जब मिलते हो
आया मौसम दोस्ती का
के आया मौसम दोस्ती का
जाने क्यूँ लगता है
मेरी-तुम्हारी पहले से पहचान है
जाने क्यूँ लगता है
मेरी-तुम्हारी पहले से पहचान है
तुम मान इतना जो दे रहे हो
मुझपे ये एहसान है
एहसानों की बातें छोड़ो
आओ, हमसे नाता जोड़ो
आया मौसम दोस्ती का (मौसम दोस्ती का)
के आया मौसम दोस्ती का
मैं का जानूँ? का चीज़ होवे है प्यार?
करजवा पे लागे नजर की कतार
मैं का जानूँ? का चीज़ होवे है प्यार?
करजवा पे लागे नजर की कतार
अरी दीवानी, ना कर नादानी (हाए, दैया)
तेरी बातें हैं (अच्छा) बड़ी तूफ़ानी
नहीं ये मौसम दिल्लगी का (अरे-रे-रे)
नहीं ये मौसम खुदकुशी का, हाँ
रिश्ता नहीं है
दोनों को फिर भी बाँधे कोई डोर है
रिश्ता नहीं है
दोनों को फिर भी बाँधे कोई डोर है
इस दोस्ती को क्या नाम दे हम?
ये बात कुछ और है
"दीवानापन" कह सकते हो
"दिल की धड़कन" कह सकते हो
आया मौसम दोस्ती का
के आया मौसम दोस्ती का




