मिट ना मिला रे मनका
मिट ना मिला रे मनका
हे मीत ना मिला रे मनका
मिट ना मिला रे मनका
कोई तोह मिलान का, कोई तोह मिलान का
करो रे उपाय
मिट ना मिला रे मनका
मिट ना...
चैन नहीं बहार
चैन नहीं घर में
चैन नहीं बहार
चैन नहीं बहार
चैन नहीं घर में
मैं मेरा धरती पर
और कभी अम्बर में
उसको ढूँढा हर नगर में
हर डगर में
गली गली देखा नयन उठाये
मिट ना मिला रे मनका
मिट ना...
रोज़ मैं अपने ही
प्यार को समझो
रोज़ मैं अपने ही
रोज़ मैं अपने ही
प्यार को समझो
वह नहीं आएगा मैं नहीं पाव
शाम ही से प्रेम दीपक मई जलाऊं
फिर वही दीपक दु में बुझाये
मिट ना मिला रे मनका
मिट ना...
देर से मैं मेरा अक्स लिए डोले
देर से मैं मेरा अक्स लिए डोले
देर से मैं मेरा...
देर से मैं मेरा अक्स लिए डोले
प्रीत भरी बानी सांस मेरा बोले
कोई सजनि एक खिड़की भी ना खोले
लाख तराने रहा मै सुनाये
मिट ना मिला रे मनका
मिट ना... मिट ना...





