मैंने जाना, मुझ में तू है
मैंने जाना, मुझ में तू है
दिल है नादाँ, कैसे अब कहें?
तेरे आस-पास दिन सारा
ना जाना, कब मैं दिल हारा
थोड़ा सा तूने बहकाया
बहलाया, दिल को सहलाया
मैंने जाना, मुझ में तू है
दिल है नादाँ, कैसे अब कहें?
जब से मिली तुझ को, देखा नया रंग है
यारी सी है ज़्यादा, प्यार से कम है
Mmm, ग़ुटर-ग़ूँ में छुपा पहला-पहला इश्क़ है
इस से ज़्यादा कैसे कहूँ मैं?
हाँ, इंतज़ार मुझ को भी है
तेरे आस-पास दिन सारा
ना जाना, कब मैं दिल हारा
थोड़ा सा तूने बहकाया
बहलाया, दिल को सहलाया
मैंने जाना, मुझ में तू है
दिल है नादाँ, कैसे अब कहें?





